बिहार के शिक्षक भी अब कुत्तों की करेंगे गिनती

पटना। “पढ़ाई के अलावा जनगणना, बीएलओ, जाति गणना, चुनाव ड्यूटी जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाते हैं और अब आवारा कुत्तों की जिम्मेदारी भी थमा दी गई है।”

“हमारा काम बच्चों को शिक्षित करना है, न कि ऐसे उल जुलूल कार्यों को करना। क्या बिहार सरकार के अन्य विभाग इतने कमजोर हो गए हैं जो इस प्रकार का आदेश सरकार को जारी करना पड़ता है?”

यह नाराजगी बिहार के हजारों सरकारी शिक्षकों की है। दरअसल बात यह है कि ‌सासाराम नगर निगम ने शहर के सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी कर आवारा कुत्तों पर नजर रखने को कहा है। जी हां..बिहार में चुनाव ड्यूटी, जनगणना और जाति सर्वेक्षण जैसे काम के बाद शिक्षकों को कुत्ते गिनने का काम सौंप दिया गया है। इस काम के लिए हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया है। इससे शहर के शिक्षक नाराज और निराश हैं। आपको बता दें कि दिसंबर 2025 में दिल्ली की भाजपा सरकार ने भी इस तरह का आदेश जारी किया था। 

बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार ने 14 नवंबर, 2025 को राज्य के सभी नगर निगम आयुक्तों और नगर परिषद व नगर पंचायतों के कार्यपालक अधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें आवारा कुत्तों से बच्चों पर होने वाले खतरे से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के 7 नवंबर, 2025 के आदेश का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ताजा प्रतिवेदन मांगा गया है।

सासाराम के शिक्षक स्कूल परिसर के अंदर, आसपास और पूरे शहर में मौजूद आवारा कुत्तों की गिनती करेंगे। वे इनकी सेहत और उन्हें नियंत्रित करने के लिए उठाए जा सकने वाले संभावित कदमों की जानकारी भी देंगे। नगर निगम आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक डॉग पाउंड (कुत्तों को रखने की जगह) बनाने की योजना पर काम कर रहा है।

आदेश में कहा गया है कि नगर निकाय क्षेत्र के अंतर्गत सभी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड, डिपो, रेलवे स्टेशनों आदि पर आवारा कुत्तों की पहचान कर उनकी नसबंदी, डिवार्मिंग और टीकाकरण/इम्यूनाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। नगरीय निकाय क्षेत्रों में इन स्थानों पर आवारा कुत्तों और पशुओं के नियमित निरीक्षण के लिए एक निरीक्षण दल गठित करने तथा नगर प्रबंधक को नोडल पदाधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया है।

इस संबंध में सासाराम नगर निगम के नगर आयुक्त विकास कुमार ने मीडिया को बताया कि सरकार के गाइडलाइन के अनुसार ही यह निर्देश जारी किया गया है। ऐसे में विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं को पत्र लिखकर वहां से आवारा कुत्तों से संबंधित नोडल अधिकारी की सूची मांगी गई है। ताकि इलाके में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

शिक्षक गण को छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ कई ऐसे दायित्व सौंपे जाते हैं जो उनके पेशे से मेल नहीं खाते हैं। चुनाव अभियान हो, जाति सर्वेक्षण हो या जनगणना हो इसके लिए सबसे पहले जिम्मेदारी स्कूल शिक्षकों को दी जाती है। बहरहाल, पहले ही शिक्षकों से जनगणना, बीएलओ, जाति गणना का काम कराया जाता रहा है। अब इन शिक्षकों को आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने का भी काम दिया जा रहा है। नगर निगम के इस फैसले के बाद पूरे राज्य में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। 

(पटना से राहुल की रिपोर्ट।)

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